मंदिर प्रशासन
यात्री व्यवस्था
अन्य आकर्षण
एक झलक
और विडियो देखें
मौसम समाचार
झूला पुल
     
      
  ओंकारेश्वर आने वालों दर्शनार्थियों के लिए झूला पुल एक विशेष आकर्षण है। भक्तों कि बढती हुई संख्या को देखते हुए नर्मदा हाइड्रो इलेक्ट्रिक डेवलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा वर्ष २००४ में ममलेश्वर सेतु नामक एक नए पुल का निर्माण किया गया. यह पुल है २३५ मीटर लंबा एवं ४ मीटर चौड़ा है. यह पुल सीधे मुख्य मंदिर के द्वार तक पहुँचता है. एवं पूरे वर्ष उपयोग में लाया जाता है. इस पुल कि लागत ७ करोड २० लाख रूपये हैं. ओंकारेश्वर आने वाले सैलानियों के लिए यह भी एक विशिष्ठ सुविधा है. यहाँ से नर्मदा नदी ओंकारेश्वर बांध एवं मंदिर का मनोरम द्रश्य दिखलाई पड़ता है।  

प्रथम पुल


     
     
 
ओंकारेश्वर नगर नर्मदा नदी द्वारा दो भागों में विभक्त किया गया है. मुख्य नगर से द्वीप पर स्थित मुख्य मंदिर में दर्शन हेतु जाने के लिए पहले केवल नावें ही उपलब्ध थीं, भक्तों कि सुविधा के लिए १९७९ में मध्यप्रदेश शासन के पी.डबल्यू.डी विभाग ने नदी पर एक कैंटीलीवर पुल का निर्माण किया. यह पुल एक पैदल पुल के रूप में बनाया गया. इस पुल कि लम्बाई करीब २०० मीटर है. इसका निर्माण कार्य ३० सितम्बर १९७१ में प्रारंभ हुआ एवं ३१ मई १९७९ को पूर्ण हुआ. इस पुल कि लागत २८ लाख रूपये थी.