पर्व एवं त्यौहार
     
   
     
  सभी धार्मिक स्थलों की तरह ओंकारेश्वर में भी विभिन्न त्यौहार धूमधाम से मनाए जाते हैं. हिंदू धर्म में आने वाले सामान्य त्योहारों के अलावा यहाँ दो विशेष पर्व मनाए जाते हैं. जो कि सभी के आकर्षण का केंद्र हैं.  
 
कार्तिक उत्सव ” कार्तिक माह में मनाया जाता है. यह उत्सव १० दिन तक चलता है इस दौरान पंचक्रोशी यात्रा आयोजित की जाती है, जो की शुक्ल पक्ष की एकादशी को गोमुख घात से प्रारंभ होकर सनावद एवं बडवाह आदि होते हुए पूर्णिमा को ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शनों के साथ समाप्त होती है.
इस अवसर पर विशाल मेले का भी आयोजन किया जाता है. समस्त भारत वर्ष से श्रद्धालु भारी संख्या में यहाँ आते हैं, एवं लंबे समय तक ठहरते हैं.
सोमवती अमावस्या के दिन भक्तों की संख्या अधिकतम हो जाती है क्योंकि इस दिन नर्मदा में स्नान करना सर्वोत्तम माना जाता है. इस पर्व के दौरान भगवान ओंकारेश्वर का विशेष पूजन एवं सेवा भक्तिभाव से की जाती है.
 
     
  महाशिवरात्रि” हिंदू पंचांग के फाल्गुन मास में मनाई जाती है. पौराणिक आख्यानों के अनुसार महाशिवरात्रि भगवान शिव एवं देवी पार्वती के विवाह के उपलक्ष्य में मनाई जाती है भगवन शिव के सभी मंदिरों में महाशिवरात्रि मनाये जाने का सर्वाधिक महत्व है. इस दिन विशेष पूजन अर्चन किया जाता है एवं प्रसाद वितरित किया जाता है  
 
नर्मदा जयंती
हिंदू पंचांग के माघ माह में मनाई जाती है. ओंकारेश्वर में यह त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. यह त्यौहार माँ नर्मदा को समर्पित है. इस दिन दोपहर १२ बजे नर्मदा जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है. तत्पश्चात सम्पूर्ण द्वीप एवं पर्वत को हजारों दीपकों से सजाया जाता है सध्याकाल में सभी दीप प्रज्ज्वलित करके माँ नर्मदा कि आरती होती है एवं आतिशबाजी की जाती है. इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है एवं हजारों भक्तगण सानंद प्रसाद प्राप्त करते हैं.
 
     
  भूतनी अमावस्या भूतनी अमावस्या वर्ष में दो बार आती है, एक बार अश्विन माह में एवं दूसरी बार चैत्र माह में. इस अवसर पर भारी संख्या में भक्तगण नर्मदा स्नान के लिए आते हैं.  
पर्व पंचांग


मास पक्ष तिथि विवरण
चैत्र --- प्रति सोमवार सोमवार सवारी भव्य रूप में.(वर्ष भर प्रति सोमवार सवारी निकाली जाती है.
वैशाख कृष्ण प्रतिपदा एक मास तल सतत जल धारा का आयोजन एवं विशेष पूजन.
ज्येष्ठ शुक्ल दशमी माँ नर्मदा पूजन एवं गंगा दशहरा पर्व. विशेष हलवा प्रसाद का वितरण.
आषाढ शुक्ल पूर्णिमा गुरुपूर्णिमा एवं चातुर्मास प्रारंभ. साथ ही पवित्र श्रावण मास की शुरुआत.
श्रावण --- प्रति सोमवार प्रति सोमवार महा सवारी संपूर्ण श्रावण माह में.
भाद्रपद कृष्ण सोमवार पालकी या सवारी द्वारा ओंकार पर्वत की परिक्रमा.
भाद्रपद शुक्ल एकादशी डोल ग्यारस एवं विशेष डोला.
अश्विन शुक्ल दशमी विजय दशमी उत्सव एवं सवारी.
अश्विन शुक्ल पूर्णिमा शरद पूर्णिमा उत्सव एवं दुग्ध वितरण.
कार्तिक कृष्ण अमावस्या 'दीपावली उत्सव' एवं 'दीप पूजन'.
कार्तिक शुक्ल अष्टमी भगवान ओंकारेश्वर का मालवा भ्रमण एवं भोग प्रसाद.
माघ शुक्ल सप्तमी नर्मदा जयंती एवं विशेष पूजन एवं प्रसाद वितरण.
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी 'महाशिवरात्रि' गर्भगृह का विशेष पुष्प श्रृंगार एवं पेड़े प्रसाद वितरण.
विशेष सुविधाएं
पूजन आरती भोग
संस्कार जाप दान
ओंकार स्टोर
उपयोगी
बुकिंग सहायता

समय प्रातः 8 बजे से शाम 8 बजे

दान भेंट विकल्प
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