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ओंकार महोत्सव २०१८ - विरासत परिचय पथ
 

राजा मान्धाता की तपस्या से ज्योति रूप में ओंकार पर्वत पर प्रकट हुए थे भगवान ओम्कारेश्वर ....श्री ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन में परिक्रमा का बड़ा महत्त्व है. यह ७ किलोमीटर की परिक्रमा है. परिक्रमा पथ में कई मंदिर एवं पुरातत्व महत्व के स्मारक आते हैं जैसे सिद्धनाथ मंदिर, गौरी सोमनाथ मंदिर एवं केदारेश्वर मंदिर. सम्पूर्ण पथ पर गीता सन्देश उकेरे गए हैं... ओंकार महोत्सव 2018 में ओंकार पर्वत की परिक्रमा हेतु "विरासत परिचय पथ " कार्यक्रम प्रस्तावित है.

 

 
   
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समय प्रातः 8 बजे से शाम 8 बजे

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