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ओंकारेश्वर परिचय

  सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्। :उज्जयिन्यां महाकालमोङ्कारममलेश्वरम्॥1॥
परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।:सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥2॥
वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।:हिमालये तु केदारं घृष्णेशं च शिवालये॥3॥
एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रात: पठेन्नर:।:सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥4॥
 
द्वादश ज्योतिर्लिंग में चौथा ओम्कारेश्वर है | जिस ओमकार का उच्चारण सर्वप्रथम स्रष्टिकरता विधाता प्रजापति पितामह ब्रह्मा के मुख से हुआ | वेद का पाठ सर्वप्रथम ॐ के बिना नहीं होता है | पुराणों में संकद पुराण, शिवपुराण व वायुपुराण में ओम्कारेश्वर शेत्र की महिमा उल्लेख है | ओम्कारेश्वर में ६८ तीर्थ है | यहाँ ३३ करोड़ देवता विराजमान है | परम तपस्थली दिव्या रूप में यहाँ पर १०८ प्रभावशाली शिवलिंग है | ८४ योजन का विस्तार करने वाली माँ नर्मदा का विराट स्वरुप है | इस प्रणव ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन से समस्त पाप भस्म हो जाते है |
  कावेरिका नार्मद्यो: पवित्र समागमे सज्जन तारणाय |
सदैव मंधातत्रपुरे वसंतम ,ओमकारमीशम् शिवयेकमीडे ||
 
अर्थ:- कावेरी एवं नर्मदा नदी के पवित्र संगम पर सज्जनों के तारण के लिए, सदा ही मान्धाता की नगरी में विराजमान श्री ओंकारेश्वर जो स्वयंभू हैं वही ज्योतिर्लिंग है.       आदि शंकराचार्य द्वारा विरचित
  श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर से ७७ किमी की दुरी पर स्थित है .हिंदू मान्यता के अनुसार ज्योतिर्लिंग वे स्थान कहलाते हैं जहाँ पर भगवान शिव प्रकट हुए थे एवं ज्योति रूप में स्थापित हैं
  श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ऐसा एकमात्र ज्योतिर्लिंग है जो नर्मदा के उत्तर तट पर स्थित है.यहाँ भगवान शिव ओम्कार स्वरुप में प्रकट हुए हैं. एवं ऐसा माना जाता है की भगवान शिव प्रतिदिन तीनो लोकों में भ्रमण के पश्चात यहाँ आकर विश्राम करते हैं. अतएव यहाँ प्रतिदिन भगवान शिव की शयन आरती की जाती है, एवं भक्तगण एवं तीर्थयात्री विशेष रूप से शयन दर्शन के लिए यहाँ आते हैं.  
                                                                                                                                                     
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                                                                              श्री बक्की कार्तिकेयन (IAS)
                                                                     
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